Online Money Transfor की महत्वपूर्ण जानकारी जो जानना जरूरी है


नोटबंदी के फैसले के बाद देश के फाइनेंशियल इको-सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव आया है। क्योंकि 9 नवंबर 2016 के बाद से ही डिजिटल ट्रांजेक्शन की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। इस फैसले के बाद लोगों के पास नकदी के संकट को देखते हुए एनईएफटी, आरटीजीएस, ई-वॉलेट और यूपीआई ग्राहकों की मदद करने वाले विकल्पों के तौर पर तेजी से उभरे हैं। हालांकि इन तमाम विकल्पों के बीच ग्राहक अब इस दुविधा में हैं कि इनमे से किस विकल्प को चुनना उनके लिए बेहतर होगा।
हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको इन सभी विकल्पों के बारे में बताने की कोशिश करेंगे। आपको बता दें कि देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने हाल ही में एनईएफटी और आरटीजीएस शुल्क को कम कर दिया था।

क्या होता है NEFT?

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) एक बैंक खाते से दूसरे में फंड ट्रांसफर करने का सबसे आम तरीका है। इसमें ट्रांसफर किए जाने वाली फंड राशि पर कोई भी लिमिट लागू नहीं है। इसकी प्रक्रिया भी आसान होती है और यह निम्नलिखित तरीके से होती है...
• आपको नेट बैंकिंग की जरुरत होगी। आप अपने यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से अपने अकाउंट पर लॉग-इन करें।
• आप जिस किसी को भी पैसा भेजना चाहते हैं उसकी सारी जानकारी आपके अकाउंट में दर्ज होनी चाहिए।
• अकाउंट होल्डर के नाम को दर्ज करें, अकाउंट नंबर और पैसा प्राप्त करने वाले के बैंक का आईएफएससी कोड।
• एक बार लाभार्थी के जुड़ जाने के बाद बैंक के अप्रूवल का इंतजार करें।
• एक बार अप्रूवल मिल जाने के बाद पैसा लाभार्थी को भेज दिया जाता है।
• एनईएफटी ट्रांसफर पर शुल्क लिया जाता है, जो कि कर के साथ-साथ 2.50 रुपए से लेकर 25 रुपए तक हो सकता है।
• ट्रांसफर किया जाने वाला पैसा बैच में भेजा जाता है और एक ही दिन में पैसा पहुंचा दिया जाता है।
• एक बार में एनईएफटी के जरिए अधिकतम 10 लाख रुपए तक भेजे जा सकते हैं।

क्या है RTGS?

रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) बैंकों में फंड ट्रांसफर का तरीका है, जो व्यक्तिगत खाताधाकों या समूह में ग्राहकों को किया जाता है। इसके तहत जब फंड प्राप्त किया जाता है, तभी उसे आगे भुगतान या ग्राहक के निर्देशानुसार अन्य उपयोग के लिए बढ़ा दिया जाता है। इस फंड को आगे प्रक्रिया के लिए नहीं टाला जाता। यह फंड ट्रांसफर के एक अन्य तरीके एनईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) से अलग होता है। एनईएफटी के तहत फंड ट्रांसफर एक निर्धारित समय पर ही होता है। मसलन, कार्यदिवस के दौरान हर एक घंटे पर इसके तहत फंड ट्रांसफर होते हैं, जबकि आरटीजीएस फंड को तत्काल ट्रांसफर करने के लिए प्रक्रिया में लगा दिया जाता है।
• इसके तहत भेजा जाने वाला न्यूनतम अमाउंट 2 लाख रुपए होता है, बाकी अधिकतम में इस पर कोई सीमा नहीं है।
• आरटीजीएस में रिलय टाइम बेस पर पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है इसीलिए इसमें शुल्क भी ज्यादा लिया जाता है।
• आपको ऐसा करने के लिए एनईएफटी की ही तरह एक प्रक्रिया को दोहराना होगा और अपने खाते से लाभार्थी को जोड़ना होगा। एक बार लाभार्थी के जुड़ जाने के बाद फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया एनईएफटी के जैसी ही होती है।

क्या है UPI?

UPI सर्विस अप्रैल 2016 में शुरू की गई थी। यूपीआई यूजर के बैंक अकाउंट से जुड़ा रहता है। इसलिए जब भी आपको कोई ट्रांसेक्शन करना हो तो आपको हर बार जानकारियां नहीं इनपुट करना पड़ेगा। जैसे ही आप यूपीआई के लिए रजिस्टर करते हैं तो आपको एक वर्चुअल आईडी, टीपिन या एमपिन मिलता है, जिससे आप ट्रांजेक्शन्स कर सकते हैं। यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए आप ऑनलाइन तरीके से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं। इसे नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) ने बनाया है और उसका दावा है कि यूपीआई के जरिए आप केवल एसएमएस के जरिए भी रकम ट्रांसफर कर सकते हैं।
ऐसे करें यूपीआई का उपयोग
• यूपीआई का उपयोग करना बेहद ही आसान काम है। इसके लिए सबसे पहले प्ले स्टोर से उस बैंक का यूपीआई ऐप डाउनलोड करें जिसमें आपका खाता है। मसलन आपका खाता एसबीआई में है तो सबसे पहले एसबीआई यूपीआई ऐप डाउनलोड करें।
• इसके बाद ऐप को ओपेन करे और सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर डालें। नंबर डालने के बाद अपनी पसंद का कोई भी चार अंकों वाला पिन नंबर डालें। यह पिन आपको हर बार ऐप खोलने पर डालना होगा।
• इसके बाद आपको यूपीआई ऑप्शन नजर आएगा जिस पर क्लिक करते ही आपको आपका वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) पूछा जाएगा।
• वर्चुअल पेमेंट एड्रेस बनाने के लिए अपना नाम या मोबाइल नंबर डालें। फिर अपना बैंक सिलेक्ट करें। जिसके बाद वर्चुअल आईडी आपको बैंक से मिलेगी। अगर आपका मोबाइल फोन नंबर 9876543210 है और और आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है तो आपका आईडी 9876543210@sbi होगा। अगर आपके पास एक से ज्यादा बैंक खाते हैं तो सबके लिए अलग आईडी बनाया जाएगा यानी नंबर के अंत में बैंक का नाम।
• वर्चुअल आईडी बन जाने के बाद एक नई विंडो ओपन होगी जिसमें आपका बैंक अकाउंट पूछा जाएगा। बैंक चुनने के लिए वहां एक लिस्ट दी गई है।
ऐसे भेजें यूपीआई से पैसा
• यूपीआई का उपयोग करते हुए तीन छोटी स्टेप्स में आप किसी के भी खाते में पैसा भेज सकते हैं। इसके लिए आपको अपने वर्चुअल आईडी की जरूरत होगी। वहीं ट्रांसफर लिमिट की बात करें तो इसमें आप 50 रुपए से 1 लाख रुपए तक का ट्रांसफर कर सकते हैं।
• पैसे भेजने के लिए ऐप ओपन करें जिसमें आपको सेंड मनी कलेक्ट मनी, रिस्पॉन्ड के अलावा स्कैन क्यूआर कोड जैसे ऑप्शन नजर आएंगे। उसमें से सेंड मनी पर क्लिक करें।
• सेंड मनी पर क्लिक करने के बाद ऐप आपसे वीपीए और भेजे जाने वाली रकम के बारे में पूछेगी। जानकारी भरकर नेक्स्ट बटन पर क्लिक करें। इस पर क्लिक करते ही ऐप आपसे कन्फर्म करने के लिए कहेगी, जैसे ही आप उस पर क्लिक करेंगे पैसे ट्रांसफर हो जाएंगे।
ऐप की मदद से ऐसे मंगवाएं पैसे
• अगर आप किसी को पैसे भेजने की बजाय मंगवाना चाहते हैं तो यूपीआई एप में सेंड अमाउंट की बजाय कलेक्ट मनी वाले ऑप्शन पर क्लिक करें। जहां आपसे कुछ डिटेल मांगी जाएगी। जिसमें आपका वीपीए और अमाउंट आदि शामिल है। आप चाहें तो भेजे गए पैसे को बाद में कलेक्ट करने के लिए उसे शेड्यूल भी कर सकते हैं। जो कि 10 दिन तक मौजूद है।
• इसके बाद पूछी गई जानकारी पूरी होने के बाद कन्फर्म बटन पर क्लिक कर दें। आपके स्मार्टफोन में एसएमएस के माध्यम से उस व्यक्ति को नोटिफिकेशन आएगा जिससे आपने पैसे मांगे हैं। इसे आपको ऐप ओपेन कर वहां वहां कलेक्ट रिक्वेस्ट में डाल कर एंटर करना है।
• इसके बाद पे बटन पर क्लिक करें और वहां पूछे जाने वाले चार अंको के पिन नंबर को डालें और सबमिट बटन पर क्लिक करें। जिसके बाद आपको पैसे रिसीव हो जाएंगे।
क्यूआर कोड से पेमेंट
ऐप में क्यूआर कोड दिया गया है जिसे स्कैन करके आप कहीं भी खाने-पीने या शॉपिंग का बिल पे कर सकते हैं।

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